Tuesday, 30 August 2022

ହେଲ୍ପମେଟ ପକ୍ଷରୁ ଡେଙ୍ଗୁ ସଚେତନତା

 ହେଲ୍ପମେଟ ପକ୍ଷରୁ ଡେଙ୍ଗୁ ସଚେତନତା

*********************

ଓଡ଼ିଶାର ଅଗ୍ରଣୀ ଅନୁଷ୍ଠାନ ହେଲ୍ପମେଟ ତରଫରୁ ୨୯.୮.୨୦୨୨ ରିଖ ମଙ୍ଗଳବାର ଦିନ ବାଲିପାଟଣା ବ୍ଲକ ର ବିଲସାହୀ,ତୁରନ୍ତିରା ,ଡମା ଓ କୁଳନ୍ତିରା ଶାସନ ଅଞ୍ଚଳରେ ବନ୍ୟା ପରବର୍ତ୍ତୀ ସମୟରେ ଡେଙ୍ଗୁ ଜର ର ପ୍ରଭାବକୁ ଲକ୍ଷ କରି ଅନୁଷ୍ଠାନ ର ଉପଦେଷ୍ଟା ମଧୁଲିତା ରାୟ , ସମ୍ପାଦିକା ନିବେଦିତା ଭଞ୍ଜ, କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସଂଯୋଜକ ଡଃ ଶୁସିଲ କୁମାର ପଟ୍ଟନାୟକ,ଦିପ୍ତି ପଟ୍ଟନାୟକ, ବବିତା ମହାନ୍ତି ଓ ରେଣୁବାଳା ଦଳାଇ ଗ୍ରାମ ପରିକ୍ରମା କରି ସ୍ୱଚ୍ଛତା ଉପରେ ବୁଝାଇବା ସହ ଡେଙ୍ଗୁ ଜର ହେବା ପୂର୍ବରୁ କିପରି ନିଜକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ରଖିବେ ଓ ଡେଙ୍ଗୁ ଜର ହେବା ପରେ କିପରି ନିଜର ଦେଖାଶୁଣା କରିବେ ସେହି ବିଷୟରେ  ବିସ୍ତୃତ ଭାବରେ ବୁଝାଇ ଲିଫ୍ ଲେଟ୍ ସହ ମଶାରୀ, ଚଦର, ଓଡୋମସ , ଶୁଖିଲା ଖାଦ୍ୟ ଓ ବସ୍ତ୍ର ବଣ୍ଟନ କରିଛନ୍ତି। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଟିକୁ ଗ୍ରାମ ସରପଞ୍ଚ ଶ୍ରୀମତୀ ବିନୋଦିନୀ ମଲ୍ଲିକ ପ୍ରଶଂସା କରିବା ସହ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ର କର୍ମକର୍ତ୍ତା ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଭଗବାନ ସାହୁଙ୍କ ଓ ଅନ୍ୟମାନେ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ।

Wednesday, 24 August 2022

ଥିଙ୍କର୍ସ୍ କ୍ଲବ୍ର ର ୩୯ତମ ଅ।ଭ।ସି ଆଲୋଚନା

 


ଭୁବନେଶ୍ୱର ତା ୨୨-୮ ଥିଙ୍କର୍ସ୍ କ୍ଲବ୍ର ର ୩୯ତମ ଅ।ଭ।ସି ଆଲୋଚନା, ଶ୍ରୀ ବରଦା ପ୍ରସନ୍ନ ଦାସ, ସଭାପତି ତ୍ୱରେ ହୋଇଯାଇ ଅଛି। ଏହା ଉପରେ ଜାତକ ଓ ବୈଜ୍ଞାନିକ ମତ ଅନୁଯାୟୀ ଦ୍ଵନ୍ଦ ମୂଳକ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ଡ୍ର ନନ୍ଦ ନନ୍ଦନ ଦାସ, ପୂର୍ବତନ ପୂର୍ତ୍ତ ସଚିବ ଓ ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ପିପୂଳସ୍ ୱେଲଫ୍ରାର ସଜେସନ୍ ଫୋରମ୍ ପୃଥିବୀ ସୂର୍ଯ୍ୟରୁ ବାହାରି ନିଜ କକ୍ଷରେ ବୁଲିବା ଓ ପୃଥିବୀରେ ଚୁମ୍ବକୀୟ ସ୍ତର ସୃଷ୍ଟିର ଦୁଇଟି ନୂତନ ଆବିଷ୍କାର ଉପରେ ଦର୍ଶାଇ ଏହାର ମାଧ୍ୟାକର୍ଷଣ ଶକ୍ତି ଓ ଚୁମ୍ବକୀୟ ପ୍ରଭାବ ଉପରେ ଅବଗତ କରିଥିଲେ। ତେଣୁ ଗ୍ରହ ନକ୍ଷତ୍ର ର ମଣିଷ ଉପରେ ପ୍ରଭାବ ସମ୍ପର୍କରେ  ସଠିକ ତଥ୍ୟ ଜାଣିବା ପାଇଁ ପିପୂଲ୍ସ ୱେଲଫେଆର ସଜେଶନ ଫୋରମ୍ ତରଫରୁ ଭାରତର ମାନ୍ୟବର ପ୍ରଧାନ ମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ଭାରତୀୟ ମହାକାଶ ଗବେଷଣା ସଂସ୍ଥା, ବେଙ୍ଗାଳୁରୁ ଠାରେ ବୈଜ୍ଞାନିକ ଗବେଷଣା ପାଇଁ  ଅନୁରୋଧ ପତ୍ର ପଠା ଯାଇଛି ଓ ଏହାର ନକଲ ଇସ୍ରୋ ଓ ଭୁବନେଶ୍ୱର ସ୍ଥିତ ପଠାନି ସାମନ୍ତ ପ୍ଲାନେଟରିଅମ୍ କୁ ପଠାଯାଇ ଅଛି। ସମାଜ ରୁ କ୍ରମେ ଅନ୍ଧ ବିଶ୍ୱାସ ଦୂର ପାଇଂ ଏପରି ଉଦ୍ୟମ କରାଯାଇଛି ।ଆବଶ୍ୟକ ତଥ୍ୟ ହସ୍ତଗତ ହେଲେ ଲୋକଙ୍କ ଅବଗତି ପାଇଁ ପଦକ୍ଷେପ ନିଆଯିବ 

Thursday, 18 August 2022

होटल मैनेजमेंट में प्रशिक्षण योजनान्तर्गत अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र 22 अगस्त तक आमंत्रित

 समाचार


होटल मैनेजमेंट में प्रशिक्षण योजनान्तर्गत अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र

22 अगस्त तक आमंत्रित


रायपुर 17 अगस्त 2022/जिला रायपुर अंतर्गत सत्र 2022 - 23 में राज्य होटल प्रबंधन, खानपान तकनीकी एवं पोषण आहार, रायपुर छ.ग. में प्रवेश के लिए सामान्य , अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के छात्र / छात्राओ से विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 22 अगस्त तक  आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है।


 आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि बीएससी हॉस्पिटैलिटी एंड एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स के लिए  योग्यता 12वीं और प्रशिक्षण अवधि 36 माह निर्धारित की गई है तथा डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन के लिए योग्यता 12वीं और प्रशिक्षण 18 माह निर्धारित की गई है।

इसी प्रकार डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस के लिए  योग्यता12वीं और प्रशिक्षण अवधि 18 माह तथा डिप्लोमा इन हाउसकीपिंग  के लिए योग्यता 12वीं तथा प्रशिक्षण 18 माह निर्धारित की गई है।



उन्होंने बताया की

आवेदक को मान्यता प्राप्त बोर्ड से हायर सेकेण्डरी (10+2) 12वीं परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अथवा अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए एवं अंग्रेजी विषय अनिवार्य है। आवेदक की आयु (01 जुलाई 2022 को) 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 03 वर्ष की छूट होगी)  ।

आवेदक को छ.ग राज्य का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक स्थायी जाति प्रमाण पत्र रखता हो । आवेदन पत्र के साथ कक्षा 10वी व 12वी की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र की प्रति (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग) निवास प्रमाण पत्र, 02 फोटो, मूल शाला स्थानांतरण पत्र

एवं चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा।



उन्होंने बताया कि प्रत्येक पाठ्यक्रम हेतु दो दो छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा अभ्यर्थियों के चयन में बीपीएल वर्ग के अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन पत्र पंजीकृत डाक अथवा स्वयं द्वारा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में  22 अगस्त तक जमा किया जा सकता है। आवेदन पत्र का प्रारूप, नियम तथा शर्ते कार्यालयीन समय कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।


Wednesday, 17 August 2022

ସ୍ୱାଧୀନତା ଦିବସରେ ଅହିଂସାର ପ୍ରଚାରରେ ସାମିଲ ହେଲେ ରାଜଧାନୀ ବାସୀ ଭୁବନେଶ୍ୱର ମହାନଗର ନିଗମ ଅଂଚଳରେ ଅହିଂସା ରଥକୁ ବିପୁଳ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଆଜି ପୁରୀ ଜିଲ୍ଲା ଓ ଢେଙ୍କାନାଳ ଜିଲ୍ଲାକୁ ଗସ୍ତ କରିଛି ରଥ

 





ଭୁବନେଶ୍ୱର ୟୁନିଟ-3  ପ୍ରଦର୍ଶନୀ ପଡିଆରେ ଗତକାଲି  ସ୍ୱାଧୀନତା ଦିବସରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନବୀନ ପଟ୍ଟନାୟକ 4ଟି ଅଂହିସା ରଥକୁ ଉଦ୍ଘାଟନ କରିବା ପରେ ପରେ ଭୁବନେଶ୍ୱର ମହାନଗରର ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନକୁ ଏହି ରଥ ପରିକ୍ରମା କରିଥିଲା । ଓଡିଶାରେ ଗାନ୍ଧିଜୀ, ସ୍ୱାଧୀନତା ସଂଗ୍ରାମରେ ଓଡିଶାର ଅବଦାନ, ଉତ୍କଳମଣି ଗୋପବନ୍ଧୁ ଦାସ, ଶହୀଦ ବାଜି ରାଉତ, ଶହୀଦ ଲକ୍ଷ୍ମଣ ନାଏକଙ୍କ ସଂପର୍କିତ ପ୍ରାମାଣିକ ଚଳଚିତ୍ର ଆଦି ଦୃଶ୍ୟ ଶ୍ରାବ୍ୟ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଯାନରେ ପ୍ରଦର୍ଶିନ କରାଯାଉଥିବା ବେଳେ ଗତ କାଲି ରାଜଧାନୀର 12 ଟି ସ୍ଥାନକୁ ଅହିଂସା ରଥ ପରିଭ୍ରମଣ କରି ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଅହିଂସା ସଚେତନତା ବାର୍ତ୍ତା ଜାଗରଣ ସୃଷ୍ଟି କରିଥିଲା । 

ପ୍ରଦର୍ଶନୀ ପଡିଆରୁ ବାହାରି ଲୋକସଂପର୍କ ଭବନ ଆସିବା ପରେ ରଥ ପ୍ରଥମେ ଭୁବନେଶ୍ୱର ମହାନଗର ନିଗମ ଅନ୍ତର୍ଗତ ବ୍ରହ୍ଣେଶ୍ୱର ମନ୍ଦିର ନିକଟସ୍ଥ ଗତିକୃଷ୍ଣ ଭିଲ୍ଲା ଗସ୍ତ କରିଥିଲା ।  ସ୍ଥାନୀୟ  ୱେଲଫେୟାର ଆସୋସିଏସନ ତରଫରୁ ଆୟୋଜିତ ସ୍ୱାଧୀନତା ଦିବସ ଉପଲକ୍ଷେ ଆୟୋଜିତ  ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଅହିଂସା ରଥ ସାମିଲ ହୋଇ ସେଠାରେ  ପହଂଚିବା ପରେ ଅନୁଷ୍ଠାନ ତରଫରୁ ରଥକୁ ସ୍ୱାଗତ କରାଯାଇଥିଲା  ଏଠାରେ ଗାନ୍ଧିଜୀଙ୍କ ସମ୍ପର୍କିତ ପ୍ରାମାଣିତ ଚଳଚିତ୍ର ପ୍ରଦର୍ଶନ କରାଯାଇଥିଲା   ଏଠାର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଦେଶାତ୍ମବୋଧକ ସଂଗୀତ  ପରିବେଷଣ ଓ  ବକ୍ତୃତା ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା । ଅହିଂସାର ବାର୍ତ୍ତା ପ୍ରଚାର କରୁଥିବା ଏହି ରଥ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଅନୁପ୍ରାଣିତ କରିବ ବୋଲି ଅନୁଷ୍ଠାନର ସଭାପତି ଶ୍ରୀ ଦେବେନ୍ଦ୍ର ମିଶ୍ର ପ୍ରକାଶ କରିଥିଲେ ।  ଅନ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଅନୁଷ୍ଠାନର ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ଡ. ଅଜିତ ମିଶ୍ର, ସହକାରୀ ସମ୍ପାଦକ ଦେବବ୍ରତ ଆଚାର୍ଯ୍ୟ,କୋଷାଧ୍ୟକ୍ଷ ସୁବାସଚନ୍ଦ୍ର ଦ୍ୱିବେଦୀ, ଅର୍ଥ ପରାମର୍ଶ ଦାତା ମଧୁସ୍ମିତା ମହାନ୍ତି,, ପରିଚାଳନା କମିଟିର ଅନ୍ୟ ସଦସ୍ୟ ସଦସ୍ୟା ପ୍ରିୟଦର୍ଶୀ ପାଲ, ସ୍ୱାତୀ ଦାସ, ରଶ୍ମିତା ମହାନ୍ତି, ପ୍ରତିଭା ଧୀର, ସୀମାଂଚଳ ପଟ୍ଟନାୟକ, ଏଲ୍ .ଏନ୍ ମହାରଣା, ବଳରାମ ଦାସ, ଶିବ କୁମାର ମହାପାତ୍ର, ଆଶିଷ ପଟ୍ଟନାୟକ, ରଂଜନ କୁମାର ଦାଶଙ୍କ ସମେତ କଲୋନୀର ଶତାଧିକ ଜନସାଧାରଣ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ଅଂହିସା ରଥକୁ ସ୍ୱାଗତ ସଂବର୍ଦ୍ଧନା ଜଣାଇଥିଲେ ।

Saturday, 23 July 2022

फिल्म नीति बनने से मिल रहा छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल


 



*फिल्म नीति बनने से मिल रहा छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल*


*‘‘छत्तीससगढ़ी कला, साहित्य और फिल्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध’’*


*छत्तीसगढ़ी फिल्म महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने की शिरकत*


रायपुर, 23 जुलाई 2022/छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर 1965 में श्कहि देबे संदेशश् और श्घर-द्वारश् से शुरू हुआ, जो निरंतर जारी है। छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखा है। इन फिल्मों ने सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक कुरीतियां और समाजिक परिवेश पर अपनी बात कही है। दर्शकों के मन में मनोरंजन के साथ फिल्मों के माध्यम से अपनी संस्कृति को लेकर गौरव की अनुभूति की अपेक्षा होती है। दूसरी ओर प्रदेश की कला, संस्कृति और फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। छत्तीसगढ़ी फिल्म नीति इसी कड़ी का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ी फिल्म नीति बनने से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ी फिल्म महोत्सव के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा विशेष रूप से मौजूद थे। 


छत्तीसगढ़ी फिल्म महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग से जुड़े, कलाकारों, निर्माता, निर्देशक, गीतकार, संगीतकार, गायक-गायिका व तकनीशियनों का सम्मान किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि कलाकारों के लिए असली इनाम दर्शकों से मिलने वाला प्रतिसाद है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सफर पर बात करते हुए कहा कि, ‘‘कहि देबे संदेश’’ ने जहां तात्कालीन जातीय परिदृश्य पर करारा प्रहार किया था। वहीं ‘‘घर-द्वार’’ में टूटते पारिवारिक रिश्तों को रेखांकित किया गया था। लगभग हर छत्तीसगढ़ी फिल्म ने सामाजिक व्यवस्था और सामाजिक परिवेश को दर्शाया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारी सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ी फिल्म नीति बनाने के लिए बहुत मेहनत की गई। संस्कृति मंत्री ने कैबिनेट में फिल्म नीति का प्रारूप पेश किया, जिसे कैबिनेट ने अनुमोदित भी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ़ फिल्म नीति बनने से यहां के फिल्म उद्योग को तो प्रोत्साहन मिलेगा ही, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में ही ऐसे अनेक मनोरम स्थान हैं, जो फिल्मों के शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। फिल्म नीति के साथ ही राज्य सरकार की नीतियों से अब ऐसा वातावरण तैयार हुआ है, जिससे अन्य प्रदेशों के फिल्मकारों की रुचि भी छत्तीसगढ़ को लेकर बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग से जुड़े सभी लोगों को फिल्म महोत्सव की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। 


अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा कि, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हर मौके पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उनकी सोच है कि छत्तीसगढ़ की कला, साहित्य, संस्कृति और फिल्म आगे बढ़े। पहले कभी फिल्म नीति नहीं बनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इसके लिए पहल की। फिल्म नीति न होने से स्थानीय कलाकारों के पास विजन भी नहीं था, अब छत्तीसगढ़ फिल्म नीति बनने से यहां के कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को विजन मिला है। उन्होंने नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म को एक करोड़ रुपये और इंटरनेशनल अवॉर्ड जीतने पर पांच करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि राज्य सरकार की ओर से देने के प्रावधान का विशेष रूप से उल्लेख किया। संस्कृति मंत्री ने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ी फिल्म नीति और राज्य सरकार द्वारा स्थानीय फिल्म उद्योग को दिए जा रहे प्रोत्साहन के फलस्वरूप नित नयी कड़ी छत्तीसगढ़ी फिल्मों की उपलब्धि में जुड़ेगी। छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। 


स्थानीय शहीद स्मारक भवन के आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं संस्कृति मंत्री श्री भगत व अन्य अतिथियों के हाथों छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। वहीं इस मौके पर एक फिल्म का पोस्टर भी लॉन्च किया गया।

कलेक्टर डी आर एम कार्यालय के अंडरपास के कार्यो का निरीक्षण किया


 

कलेक्टर ने  वाल्टेयर रेल्वे लाइन  डी आर एम कार्यालय के पास बन रहे अंडरपास के कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने कामों को तेजी से  करने के निर्देश दिए ।इस अंडर पास के बन जाने से वाल्टेयर लाइन फाटक पर आवागमन का दबाब कम होगा और लोगो को फाटक बंद होने  से  लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।

कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा 27,28 और 30 जून को

समाचार *कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा 27,28 और 30 जून को* रायपुर 28 जून 2023/ कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, भ...